मै पत्रकार था कोई चुविंगम नहीं

मंगलवार, 14 फ़रवरी 2012

सच बोलने पे जीना हराम, झूठ पे दो लाख !

सच बोलने पे जीना हराम, झूठ पे दो लाख !
प्रस्तुतकर्ता Unknown पर 5:29 am कोई टिप्पणी नहीं:
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